फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। न्यायालय अपर जिला जज सीनियर डिवीजन फतेहगढ़ ने आदेश जारी कर कहा है कि राज्य बनाम नागेंद्र सिंह राठौर के मामले में कांस्टेबिल यतेन्द्र सिंह तथा थानाध्यक्ष फतेहगढ़ के उपरोक्त कृत्य से साबित होता है कि वह जानबूझकर गवाह को न्यायालय में प्रेषित नहीं कर रहे हैं और त्रुटिपूर्ण आख्या न्यायालय के समक्ष प्रेषित की जा रही है। जो भारतीय दण्ड संहिता की धारा 217 और 219 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। धारा 217 , दो वर्ष के कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों तथा धारा 219, सात वर्ष के कारावास से अथवा जुर्माने अथवा दोनों से दण्डनीय है। न्यायालय ने कहा कि संबंधित थाने द्वारा गवाह के विरुद्ध प्रेषित सम्मन को दूरभाष के माध्यम से तामीला गया है। जबकि तामीला व्यक्तिगत रुप से कराया जाना अपेक्षित है। न्यायालय ने कांस्टेबिल यतेन्द्र सिंह तथा थानाध्यक्ष फतेहगढ़ को व्यक्तिगत रुप से दिनांक 06.12.2024 को उपस्थित होकर अवगत करायें कि क्यों उनके विरुद्ध उपरोक्त धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराने हेतु पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद को सूचना प्रेषित न की जाये।
न्यायालय ने सिपाही व थानाध्यक्ष फतेहगढ़ को किया तलब
