सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मस्जिदों के बाहर पुलिस फोर्स रहा तैनात
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। रमजान के मुक्कदम महीने के आखिरी जुमे पर शहर की प्रमुख मस्जिदों में एहतराम और अकीदत के साथ अलविदा की नमाज पढ़ी गई। मौलानाओं व इमामों ने अपने-अपने मुर्करर मस्जिद दोपहर में पहुंचकर रोजेदारों और नमाज पढऩे आये लोगों को अमन और शांति का संदेश देते हुए अलविदा की नमाज पढ़ाई। नगर की प्रमुख मस्जिद घुमना स्थित जामा मस्जिद में शाही इमाम मुफ्ती मुअज्जम अली ने नमाज पढ़ाई। उन्होंने खिताब करते हुए कहा कि इंसान को अपने गुनाहों से तौबा करना चाहिए। अल्लाह की बारगाह में अपनी खता कबूल करने वालों के गुनाह माफ हो जाते है। उन्होंने कहा कि हम बिखरे हुए है इस कारण से कमजोर पड़ जाते है, एकजुट रहे तो मजबूत रहेगें। दुनियां की सबसे बड़ी आबादी होने के बावजूद हम एकता के अभाव में तिनके की तरह उड़ा दिये जाते है। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन और शांति का मजहब है। इसलिए अमन और शांति का पैगाम घर-घर पहुंचना चाहिए। ईश्वर ने हम लोगों को इबादत करने के लिए दुनिया में भेजा है। इंसान का जन्म लेकर अल्लाह की इबादत कर लो, यही साथ जायेगा। रुपया-पैसा, हाथी घोड़ा कुछ नहीं साथ जाता। इमान, आमाल और नेकिया ही चलते वक्त आदमी के साथ में होती है।
पांच युवकों ने काली पट्टी बांधकर जामा मस्जिद में अदा की नमाज
फर्रुखाबाद। अलविदा की नमाज को देखते हुए शहर कोतवाल ने अपने फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जायजा लिया और प्रमुख मार्ग पर फ्लेग मार्च किया। अपर पुलिस अधीक्षक व नगर मजिस्टे्रट एवं सीओ सिटी आदि ने भी मुख्य मार्ग पर पहुंचकर मस्जिदों में पहुंचकर शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की। साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक ने काली पट्टी बांधने को लेकर एक युवक की फटकार लगायी। नमाज पढऩे के दौरान मुस्लिम समाज के पांच लोगों ने अपने बाजू में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। नमाज छूटने के बाद शहर कोतवाल ने उन्हें रोंक लिया और उनका नाम पता नोट करने के बाद जाने दिया। चीनीग्राम निवासी युवक जुनैद व दूसरा युवक अनस से पूछताछ कर हिदायत दी कि शांति बनाये रखो और सीधे घर जाना। मस्जिदों के बाहर जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात रहा।